शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ परमधाम्ने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपपरम पद
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो मोक्ष-धाम (वैकुंठ) के साक्षात् स्वरूप हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मृत्यु के पश्चात् जन्म-मरण के चक्र से छूटकर वैकुंठ धाम (मोक्ष) की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
मृत्यु के पश्चात् जन्म-मरण के चक्र से छूटकर वैकुंठ धाम (मोक्ष) की प्राप्ति।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भावाय नमः
उमासहायं परमेश्वरं प्रभुं त्रिलोचनं नीलकण्ठं प्रशान्तम्। ध्यात्वा मुनिर्गच्छति भूतयोनिं समस्तसाक्षिं तमसः परस्तात्॥
ॐ वसुदेवात्मजाय नमः
ॐ कलहंसगतये नमः
अनन्तकोटिविष्णुलोकनम्रपद्मजार्चिते हिमाद्रिजापुलोमजाविरिञ्चिजावरप्रदे। अपारसिद्धिरिद्धिदिग्दिगन्तकीर्तिदिगधमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ धीराय नमः