शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ पुण्डरीकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपसौन्दर्य स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
नील कमल के समान कान्ति वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मुख-कान्ति वृद्धि हेतु
विस्तृत लाभ
मुख-कान्ति वृद्धि हेतु
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वज्ञाय नमः
ॐ विष्णवे नमः
ॐ पूर्णायै नमः
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
दयासुदृष्टिं कुरुतां मयि श्रीः! सुवर्णदृष्टिं कुरु मे गृहे श्रीः॥
ॐ सर्वकर्त्रे नमः