शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
एकादशाक्षर सिद्ध लक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्रीं, ह्रीं, क्लीं बीजों से युक्त देवी सिद्ध लक्ष्मी को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
असाध्य कार्यों की सिद्धि, राजयोग
विस्तृत लाभ
असाध्य कार्यों की सिद्धि, राजयोग।
जप काल
मंगलवार की रात्रि में लाल वस्त्र धारण कर 25।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अचलायै नमः
ॐ सत्यायै नमः
राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे । राधे श्याम राधे श्याम श्याम श्याम राधे राधे ॥
ॐ मेधा देवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्यमाना। त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान बृहद्वदेम विदथे सुवीराः॥
ॐ जनार्दनाय नमः
जो महर्षि भृगु के पवित्र वंश को आनंदित करने वाले हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: कुल-गोत्र की वृद्धि) 19।