नृसिंह मंत्र
सुगं च मे शयनं च मे सूषा च मे सुदिनं च मे...
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
टिप्पणी
मेरी यात्रा सुखद हो, शयन सुखद हो, और मेरे दिन शुभ हों
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।
ॐ ऐं श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै बुधजनन्यै स्वाहा दक्षिणे मां सदाऽवतु। (अर्थ: ज्ञानियों की माता दक्षिण दिशा में रक्षा करें) 8
ॐ ह्रीं बटुकाय मम संतान बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
सुवर्णवेष्टितं चाङ्गे लक्ष्मीमन्त्रं शतक्रतो। तस्यायुषो भवेद् वृद्धिः सर्वत्र विजयी महान्॥
श्री राम जय राम शिव राम (Sri Ram Jaya Ram Siva Ram)
ॐ सुकीर्तये नमः