शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ सुरानन्दाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवताओं को भी आनंद देने वाले
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ईश्वरीय प्रसन्नता और अवसाद (Depression) का अंत
विस्तृत लाभ
ईश्वरीय प्रसन्नता और अवसाद (Depression) का अंत 77
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्रभवे नमः
रुं ह्रीं रुरवे नमः।
मयि मेधां मयि प्रजां मय्यग्निस्तेजो दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयीन्द्र इन्द्रियं दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयि सूर्यो भ्राजो दधातु॥
ॐ कृपामय्यै नमः
अत्रोपविश्य लक्ष्मि! त्वं स्थिरा भव हिरण्मयि! सुस्थिरा भव सुप्रीत्या प्रसन्नवरदा भव॥
श्रीमत्तीक्ष्ण शिखाङ्कुशाक्षवरदान् दक्षे दधानः करैः पञ्चामृतपूर्णकुम्भमभयं वामे दधानो मुदा । पीठ स्वर्णमयारविन्दविलसत् सत्कर्णिका भासुरे आसीनस्त्रिमुखः पलाशरुचिरो नागाननः पातु नः ॥