शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ त्रिककुब्धाम्ने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
तीनों दिशाओं (ऊर्ध्व, मध्य, अधः) के आश्रय
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दसों दिशाओं में रक्षा
विस्तृत लाभ
दसों दिशाओं में रक्षा 81
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ उमासुताय नमः
शुद्धं बुद्धं महाप्रज्ञापण्डितं रणपण्डितं। रामं श्रीदत्तकरुणाभाजनं विप्ररंजनम्॥
ॐ पद्ममुख्यै नमः
ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयम् कारी वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा।
ॐ कुमतिघ्न्यै नमः
अशोकवृक्षवल्लरीवितानमण्डपस्थिते प्रवालबालपल्लवप्रभारुणाङ्घ्रिकोमले। वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥