शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ उन्मत्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपभक्तवत्सल
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शिव-भक्ति में तल्लीन भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम का जागरण
विस्तृत लाभ
ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम का जागरण।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव
ॐ वेणुनादविशारदाय नमः
बालार्कारुणकान्तिर्वामे बालां वहन् अङ्के । लसदिन्दीवर हस्तं गौराङ्गीं रत्नशोभाढ्याम् ॥ दक्षे अङ्कुश वरदानं वामे पाशं च पायसं पात्रम् । नीलांशुक समान पीठपद्मारुणे तिष्ठन् संकटहरणः पायात् ॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सर्वभूतात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ कृष्णप्रियायै नमः
ॐ कृष्णायै नमः