नृसिंह मंत्र
वाजश्च मे प्रसवश्च मे प्रयतिश्च मे प्रसितिश्च मे धीतिश्च मे क्रतुश्च मे...
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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टिप्पणी
मुझे अन्न, भोजन, शुद्धि, और यज्ञ का फल प्राप्त हो
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
वेदान्तार्थस्वरूपाय वेदान्तार्थविधायिने । वेदान्तार्थविदे नित्यं विदिताय नमो नमः ॥
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
ॐ प्राज्ञाय नमः
जो महर्षि भृगु के पवित्र वंश को आनंदित करने वाले हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: कुल-गोत्र की वृद्धि) 19।
ॐ विश्वम्भराय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं ह्स्सौः हूँ फट् नील सरस्वत्यै स्वाहा।