शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ वकारसुखकलासंस्थाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूप'व' कार कला
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
'व' कार की सुखदायी कला में स्थित देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सौंदर्य, माधुर्य और सांसारिक सुखों की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
सौंदर्य, माधुर्य और सांसारिक सुखों की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जपहिं नामु जन आरत भारी। मिटहिं कुसंकट होहिं सुखारी॥
महेन्द्रे वै गिरिश्रेष्ठे रामं नित्यम् उपासते। ऋषयो वेदविदुषो गन्धर्वाप्सरसस्तथा॥
ॐ सरस्वत्यै नमः
अधरौष्ठं हृषीकेशो दन्तपंक्तिं गदाग्रजः । रासेश्वरश्च रसनां तालुकं वामनो विभुः ॥
ॐ कामरूपिण्यै नमः
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं। चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्॥