शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ वरिष्ठाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदेव-वरिष्ठ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी देवों में वरिष्ठ (महान) को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अपने कार्यक्षेत्र (Profession) में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करना
विस्तृत लाभ
अपने कार्यक्षेत्र (Profession) में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महादारिद्र्यनाशिने नमः।
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्मि महालक्ष्मि एहि एहि सर्वसौभाग्यं देहि मे स्वाहा।
हस्तीन्द्राननमिन्दुचूडमरुणच्छायं त्रिनेत्रं रसात् आलिष्टं प्रियया सपद्मकरया स्वाङ्कस्थया सन्ततम् । बीजपूर गदेक्षु कार्मुकलसच्चक्राब्ज पाशोत्पल व्रीह्यग्रस्वविषाण रत्नकलशान् हस्तैर्वहन्तं भजे ॥
ॐ ऋषिप्रवरवन्द्याय नमः
त्वं देवि सरस्वत्यवा वाजेषु वाजिनि। रदा पूषेव नः सनिम्॥
करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम् । वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि ॥