शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ वातरोगहराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवैद्यनाथ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वात आदि शारीरिक रोगों को हरने वाले वैद्य स्वरूप को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जोड़ों के दर्द, गठिया व वात-व्याधियों से शारीरिक मुक्ति
विस्तृत लाभ
जोड़ों के दर्द, गठिया व वात-व्याधियों से शारीरिक मुक्ति।
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ह स ख म ल व र यूं आनंद भैरवाय स्वाहा।
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ॐ निर्गुणाय नमः
बालार्कारुणकान्तिर्वामे बालां वहन् अङ्के । लसदिन्दीवर हस्तं गौराङ्गीं रत्नशोभाढ्याम् ॥ दक्षे अङ्कुश वरदानं वामे पाशं च पायसं पात्रम् । नीलांशुक समान पीठपद्मारुणे तिष्ठन् संकटहरणः पायात् ॥
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं आद्या कालिके परमेस्वरि स्वाहा॥