शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ विधात्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कर्मों का यथोचित फल देने वाले
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
निष्काम कर्म की सिद्धि
विस्तृत लाभ
निष्काम कर्म की सिद्धि 81
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8
ॐ अधरं गोपिका पातु।
ॐ पशुपतये नमः
ॐ ज्वालाचक्राय स्वाहा – शिरसे स्वाहा
ॐ कामनाथाय नमः
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।