शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवासुरमनुष्यबोधः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारऔपनिषदिक ध्यान मंत्र।
स्वरूपदेव-असुर-मनुष्य बोध
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो देव, असुर और मनुष्यों के परम बोध (ज्ञान) स्वरूप हैं, उन राम को नमन।
जप काल
ध्यान-साधना, मोक्ष-कामना हेतु एकांत में मानसिक जप।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जो दुष्टों के दमन हेतु भयंकर परशु (फरसा) धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: शत्रुओं से रक्षा) 19।
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम् । उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम् ॥
ॐ सेनान्ये नमः
ॐ उन्मूलने कर्मठाय नमः।
इतीदमद्भुतस्तवं निशम्य भानुनन्दिनी करोतु सन्ततं जनं कृपाकटाक्षभाजनम्। भवेत्तदैव सञ्चितत्रिरूपकर्मनाशनं लभेत्तदा व्रजेन्द्रसूनुमण्डलप्रवेशनम्॥
ॐ निर्लेपाय नमः