शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ आनन्दाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपआनंद स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परमानंद स्वरूप भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में नित्य और निरुपाधिक आनंद
विस्तृत लाभ
जीवन में नित्य और निरुपाधिक आनंद।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय उत्तर मुखे। आदि वराहाय सकल संपत्कराय स्वाहा॥
कथं जयेयुर्वीरेन्द्राः कवचैर्नावृताङ्गकाः। प्रयान्ति भीता रामस्य वर्मणा वीक्ष्य रक्षितम्॥
ॐ उदाराङ्गायै नमः
शङ्खेषु चाप कुसुमेषु कुठार पाश चक्राङ्कुशौ कलममञ्जरिका गदाद्यौ । पाणिस्थितैः परिसमाहित भूषणः श्री विघ्नेश्वरो विजयते तपनीयगौरः ॥
ॐ सर्वदेवनिषेवितायै नमः
ॐ विश्वतोमुखाय नमः