ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

परशुराम मंत्र

विष्णु के छठे अवतार

212 मंत्र

नाम-मंत्र

ॐ स्मृतये नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्ववासाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ कृतागमाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ वीर्यवते नमः

नाम-मंत्र

ॐ स्मितभाषिणे नमः

नाम-मंत्र

ॐ निवृत्तात्मने नमः

नाम-मंत्र

ॐ पुनर्वसवे नमः

नाम-मंत्र

ॐ अध्यात्मयोगकुशलाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्वायुधविशारदाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ यज्ञस्वरूपिणे नमः

नाम-मंत्र

ॐ यज्ञेशाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ यज्ञपालाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सनातनाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ घनश्यामाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ दुराराध्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ शूराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ जरामरणवर्जिताय नमः

नाम-मंत्र

ॐ धीराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सुरूपाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्वतीर्थमयाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ विधये नमः

नाम-मंत्र

ॐ धीरोदात्ताय नमः

नाम-मंत्र

ॐ स्वरूपाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ वर्णिनें नमः

नाम-मंत्र

ॐ वर्णाश्रमगुरवे नमः

नाम-मंत्र

ॐ पुरुषाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ शिवशिक्षापराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ ब्रह्मर्षये नमः

नाम-मंत्र

ॐ ब्रह्मसूत्रधराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ समाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सौम्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ महर्षये नमः

नाम-मंत्र

ॐ शान्ताय नमः

नाम-मंत्र

ॐ मौञ्जीभृते नमः

नाम-मंत्र

ॐ दण्डधारकाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ कोदण्डिने नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्वजिते नमः

नाम-मंत्र

ॐ शत्रुदर्पघ्नाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ पुण्यवर्धनाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ कवये नमः

नाम-मंत्र

ॐ युक्ताय नमः

नाम-मंत्र

ॐ कमण्डलुधराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ कृतिने नमः

नाम-मंत्र

ॐ महोदराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ अतुलाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ भव्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ जितषड्वर्गमण्डलाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ कान्ताय नमः

नाम-मंत्र

ॐ पुण्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सुकीर्तये नमः

नाम-मंत्र

ॐ द्विभुजाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ आदिपुरुषाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ अकल्मषाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ वाग्मिने नमः

नाम-मंत्र

ॐ दीर्घतपसे नमः

नाम-मंत्र

ॐ महागुरवे नमः

नाम-मंत्र

ॐ मन्त्रिणे नमः

नाम-मंत्र

ॐ वाग्मिने नमः

नाम-मंत्र

ॐ शम्भवे नमः

नाम-मंत्र

ॐ मङ्गलाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ वन्द्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्ववेदादये नमः

नाम-मंत्र

ॐ शरण्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ परमेश्वराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ ज्ञानभव्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ अपरिच्छेद्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ शुचये नमः

नाम-मंत्र

ॐ सोमनन्दनाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ प्रतापवते नमः

नाम-मंत्र

ॐ जितक्रोधाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ गुडाकेशाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ द्युतिमते नमः

नाम-मंत्र

ॐ अरिमर्दनाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ रेणुकातनयाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ साक्षाते नमः

नाम-मंत्र

ॐ अजिताय नमः

नाम-मंत्र

ॐ अव्ययाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ विपुलांसाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ महोरस्काय नमः

नाम-मंत्र

ॐ अतीन्द्राय नमः

नाम-मंत्र

ॐ धनुर्धराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ परमात्मने नमः

नाम-मंत्र

ॐ परायणाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ प्रमाणरूपाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ दुर्ज्ञेयाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ पूर्णाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ क्रूराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ क्रतवे नमः

नाम-मंत्र

ॐ विभवे नमः

नाम-मंत्र

ॐ आनन्दाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ गुणश्रेष्ठाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ अनन्तदृष्टये नमः

नाम-मंत्र

ॐ गुणाकराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ अजिनवासाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ धनुर्वेदाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ जनेश्वराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ विनीतात्मने नमः

नाम-मंत्र

ॐ महाकायाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ तपस्विराजे नमः

नाम-मंत्र

ॐ अखिलाद्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ विश्वकर्मणे नमः

नाम-मंत्र

ॐ विशारदाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ अक्षराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ केशवाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ साक्षिणे नमः

ॐ पृथिवीपतये नमः — अर्थ

जिन्होंने संपूर्ण पृथ्वी को जीतकर अश्वमेध यज्ञ में महर्षि कश्यप को दान कर दिया, उन पृथ्वी-पति को नमस्कार। (लाभ: संपत्ति एवं राज्याधिकार की प्राप्ति) 19।

भार्गव कवच (गोपनीयता एवं यश वृद्धि)

गोपनीयमिदं देवि ममात्मासि मणिर्यथा। धन्यं यशस्यमायुष्यं श्रीकरं पुष्टिवर्धनम्॥

भार्गव कवच (फलश्रुति-सौभाग्य)

जपतां कवचं नित्यं सर्वसौभाग्यपूरितम्। इति श्रीविष्णुयामले उपरिभागे जामदग्न्यदिव्याञ्जनसिद्धिकल्पे श्रीभार्गवकवचं सम्पूर्णम्॥

ॐ हरये नमः — अर्थ

जो पापों का हरण करने वाले साक्षात् भगवान हरि (विष्णु) स्वरूप हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: पाप-नाश) 19।

ॐ परशुधारिणे नमः — अर्थ

जो दुष्टों के दमन हेतु भयंकर परशु (फरसा) धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: शत्रुओं से रक्षा) 19।

ॐ रामाय नमः — अर्थ

जो भक्तों के हृदय में रमण करने वाले भगवान राम (भार्गव राम) हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: आंतरिक शांति) 19।

ॐ भृगुनन्दनाय नमः — अर्थ

जो महर्षि भृगु के पवित्र वंश को आनंदित करने वाले हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: कुल-गोत्र की वृद्धि) 19।

ॐ एकवीरात्मजाय नमः — अर्थ

जो माता एकवीरा (रेणुका का एक नाम) के पुत्र हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: माता की असीम कृपा) 19।

ॐ विष्णवे नमः — अर्थ

जो सर्वव्यापक भगवान विष्णु के ही साक्षात् अवतार हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: सर्व-कल्याण) 19।

ॐ जामदग्न्याय नमः — अर्थ

जो महान तपस्वी महर्षि जमदग्नि के पुत्र हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: पितृ-दोष शांति) 19।

ॐ प्रतापवते नमः — अर्थ

जो अत्यंत तेजस्वी और महाप्रतापी हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: व्यक्तित्व में तेज और ओज की वृद्धि) 19।

ॐ सह्याद्रिवासिने नमः — अर्थ

जो शांत भाव से सह्याद्रि (और महेंद्र) पर्वत पर निवास करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: जीवन में स्थिरता और भूमि-लाभ) 19।

ॐ वीराय नमः — अर्थ

जो अदम्य साहस वाले परम वीर हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: साहस और निर्भयता) 19।

ॐ क्षत्रजिते नमः — अर्थ

जिन्होंने धर्म-विरोधी आतातायी क्षत्रियों पर विजय प्राप्त की, उन्हें नमस्कार। (लाभ: प्रतिस्पर्धियों पर विजय) 19।

भार्गव कवच (ब्रह्मज्ञान प्राप्ति)

कवचस्यास्य जापी तु ब्रह्मज्ञानं च विन्दति। इत्येतदुक्तं कवचं मया हैहयविद्विषः॥

नाम-मंत्र

ॐ श्रीमते नमः

नाम-मंत्र

ॐ महाविष्णवे नमः

नाम-मंत्र

ॐ भार्गवाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ जामदग्निजाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ तत्त्वरूपिणे नमः

नाम-मंत्र

ॐ परब्रह्मणे नमः

नाम-मंत्र

ॐ शाश्वताय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्वशक्तिधृषे नमः

नाम-मंत्र

ॐ वरेण्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ वरदाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्वसिद्धिदाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ कंजलोचनाय नमः

परशुराम अष्टकम् (श्लोक 3)

भयार्तस्वजनत्राणतत्परं धर्मतत्परम्। गतगर्वप्रियं शूरं जमदग्निसुतुं मतम्॥

श्री परशुराम गायत्री मंत्र (प्रथम पाठ)

ॐ ब्रह्मक्षत्राय विद्महे क्षत्रियान्ताय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात्

श्री परशुराम गायत्री मंत्र (द्वितीय पाठ)

ॐ जामदग्नाय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुरामः प्रचोदयात्

परशुराम द्वि-अक्षरी बीज मंत्र

ॐ रां रां

श्री परशुराम ध्यान मंत्र

ध्यायेच्च तामस क्षत्र रुधिर रक्त परश्वधम्। रक्त नेत्रं करस्थं ब्रह्म सूत्रं यम प्रभम्॥

पाप-शमन स्तुति

दुष्टं क्षत्रं भुवो भारमब्रह्मण्यमनीनशत्। तस्य नामानि पुण्यानि वच्मि ते पुरुषर्षभ॥

परशुराम शक्ति उद्घोष मंत्र

अग्रतश्चतुरो वेदान् पृष्ठतः सशरं धनुः। उभाभ्यां च समर्थोऽहं शापादपि शरादपि॥

भार्गव पराक्रम स्तुति

आत्मनः शक्तिमुद्वीक्ष्य मानोत्साहौ तु यो व्रजेत्। शत्रूनेकोऽपि हन्याच्च क्षत्रियान् भार्गवो यथा॥

चिरंजीवी परशुराम स्तुति

आस्तेऽद्यापि महेन्द्राद्रौ न्यस्तदण्डः प्रशान्तधीः। उपगीयमानचरितः सिद्धगन्धर्वचारणैः॥

भार्गव दर्शन स्तुति

उपस्पृश्य महेन्द्राद्रौ रामं दृष्ट्वाभिवाद्य च।

महर्षि-वंदित परशुराम

महेन्द्रे वै गिरिश्रेष्ठे रामं नित्यम् उपासते। ऋषयो वेदविदुषो गन्धर्वाप्सरसस्तथा॥

परशुराम अष्टकम् (श्लोक 1)

कराभ्यां परशुं चापं दधानं रेणुकात्मजं। जामदग्न्यं भजे रामं भार्गवं क्षत्रियान्तकं॥

परशुराम अष्टकम् (श्लोक 2)

नमामि भार्गवं रामं रेणुकाचित्तनन्दनं। मोचिताम्बार्तिमुत्पातनाशनं क्षत्रनाशनम्॥

नाम-मंत्र

ॐ राजेन्द्राय नमः

परशुराम अष्टकम् (श्लोक 4)

वशीकृतमहादेवं दृप्तभूपकुलान्तकम्। तेजस्विनं कार्तवीर्यनाशनं भवनाशनम्॥

परशुराम अष्टकम् (श्लोक 5)

परशुं दक्षिणे हस्ते वामे च दधतं धनुः। रम्यं भृगुकुलोत्तंसं घनश्यामं मनोहरम्॥

परशुराम अष्टकम् (श्लोक 6)

शुद्धं बुद्धं महाप्रज्ञापण्डितं रणपण्डितं। रामं श्रीदत्तकरुणाभाजनं विप्ररंजनम्॥

परशुराम अष्टकम् (श्लोक 7)

मार्गणाशोषिताभ्ध्यंशं पावनं चिरजीवनम्। य एतानि जपेन्द्रामनामानि स कृती भवेत्॥

परशुराम अष्टकम् (समापन श्लोक)

इति श्रीप. प. श्रीवासुदेवानन्दसरस्वतीविरचितं श्रीपरशुरामस्तोत्रं संपूर्णम्॥

भार्गव कवच (प्रारंभ एवं शिव-पार्वती संवाद)

कैलासशिखरे रम्ये शंकरं लोकशंकरम्। पार्वत्युवाच- त्वत्तः श्रुतान्यशेषाणि जामदग्न्यस्य साम्प्रतम्॥

भार्गव कवच (जिज्ञासा)

न श्रुतं कवचं देव न चोक्तं भवता मम। इति पृष्टः स गिरिशो मन्त्रयन्त्राङ्गतत्त्ववित्॥

भार्गव कवच (चतुर्वर्ग प्रदाता)

रहस्यमपि हि ब्रूयुर्लोकैकहितदृष्टयः। शिव उवाच- धर्मार्थकाममोक्षाणामनायासं सुसिद्धिदम्॥

भार्गव कवच (श्री आकर्षण)

श्रियमाक्रष्टुकामानामिदं कवचमुत्तमम्। स जामदग्न्यकवचं नित्यमावर्तयेन्नरः॥

भार्गव कवच (वीर-रक्षक)

कथं जयेयुर्वीरेन्द्राः कवचैर्नावृताङ्गकाः। प्रयान्ति भीता रामस्य वर्मणा वीक्ष्य रक्षितम्॥

भार्गव कवच (इष्ट-निष्ठा)

जामदग्न्यः परं यस्य दैवतं भृत्यवत्सलः। नित्यं परश्वधभृतः कवचस्यास्य धारणात्॥

भार्गव कवच (सभा-विजय एवं वाक्-सिद्धि)

सभासु वदतां श्रेष्ठो राज्ञां भवति च प्रियः। वैदिकं तान्त्रिकं चैव मान्त्रिकं ज्ञानमुत्तमम्॥

नाम-मंत्र

ॐ सर्वात्मने नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्वैकपावनाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ शत्रुविनाशनाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्वकर्मणे नमः

नाम-मंत्र

ॐ पवित्राय नमः

नाम-मंत्र

ॐ अदीनाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ दीनसाधकाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ अभिवाद्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ महावीराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ तपस्विने नमः

नाम-मंत्र

ॐ नियमाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ प्रियाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ स्वयम्भुवे नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्वरूपाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ दक्षाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्वदृक्प्रभवे नमः

नाम-मंत्र

ॐ ईशानाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्वदेवादये नमः

नाम-मंत्र

ॐ वरीयाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्वगाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ अच्युताय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्वज्ञाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ ब्रह्मण्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ ब्रह्मचारिणे नमः

नाम-मंत्र

ॐ ब्रह्मणे नमः

नाम-मंत्र

ॐ ब्रह्मप्रकाशकाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सुन्दराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सत्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सदाचाराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ परात्पराय नमः

नाम-मंत्र

ॐ परमार्थैकनिरताय नमः

नाम-मंत्र

ॐ जितामित्राय नमः

नाम-मंत्र

ॐ जनार्दनाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ ऋषिप्रवरवन्द्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ दान्ताय नमः

नाम-मंत्र

ॐ दयानिधये नमः

नाम-मंत्र

ॐ अनादये नमः

नाम-मंत्र

ॐ भगवते नमः

नाम-मंत्र

ॐ इन्द्राय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्वलोकरिमर्दनाय नमः

परशुराम मूल/बीज मंत्र

ॐ रां रां ॐ रां रां परशुहस्ताय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सत्यव्रताय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सत्यसन्धाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ परमधार्मिकाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ लोकात्मने नमः

नाम-मंत्र

ॐ लोककृते नमः

नाम-मंत्र

ॐ लोकवन्द्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ सर्वमयाय नमः

नाम-मंत्र

ॐ निधये नमः

नाम-मंत्र

ॐ वश्याय नमः

नाम-मंत्र

ॐ दयात्मने नमः

नाम-मंत्र

ॐ सुधिये नमः

नाम-मंत्र

ॐ गोप्त्रे नमः