शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम द्वि-अक्षरी बीज मंत्र
ॐ रां रां
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारबीज मंत्र
स्वरूपभृगुवंशी परशुराम (अग्नि-तेज स्वरूप)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अग्नि और शक्ति के बीज रूप, परब्रह्म स्वरूप भगवान परशुराम को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ध्यान में तीव्र एकाग्रता की प्राप्ति और कुंडलिनी शक्ति के जागरण में सहायक
विस्तृत लाभ
ध्यान में तीव्र एकाग्रता की प्राप्ति और कुंडलिनी शक्ति के जागरण में सहायक।
जप काल
किसी भी समय मानसिक जप (अजपा जाप)।
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