शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ लोकवन्द्याय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपविश्व-पूज्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनकी वंदना सारा विश्व और तीनों लोक करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कीर्ति
विस्तृत लाभ
कीर्ति
जप काल
नित्य
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं ह्स्सौः हूँ फट् नील सरस्वत्यै स्वाहा।
गुरु गृह गए पढ़न रघुराई। अलप काल विद्या सब आई॥
ॐ नन्दगोपप्रियात्मजाय नमः
सिन्दूराभमिभाननं त्रिनयनं च पाशाङ्कुशौ बिभ्राणं मधुमत्कपालमनिशं साद्विन्दुमौलिं भजे । पुष्ट्या श्लिष्टतनुं ध्वजाग्रकरया पद्मोल्लसद्धस्तया तद्योन्याहितपाणिमात्तवसुमत पात्रोल्लसत्पुष्करम् ॥
बलं च मे ओजश्च मे सहश्च मे आयुश्च मे...
ॐ विश्वम्भराय नमः