शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ वाग्मिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपवाक्-सिद्ध
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो उत्कृष्ट वक्ता और वेदों की व्याख्या करने वाले हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वाणी में ओज
विस्तृत लाभ
वाणी में ओज
जप काल
नित्य
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये एकादशरुद्राः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
कनकमहामणिभूषितलिङ्गं फणिपतिवेष्टितशोभितलिङ्गम्। दक्षसुयज्ञविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ संसारभयतः पातु मृत्योर्मृत्युर्-नृकेसरी
ॐ क्लीं कृष्णाय राधिकायै श्रेयं नमः
ॐ मायाश्रयाय नमः
नमो भगवते फट् भैरवाय... आकर्षय-2 आवेशय-2 मोहय-2 भ्रामय-2... ह्रां ह्रीं त्रिपुरतांडवाय अष्टभैरवाय भाषय-2 स्वाहा।