शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
त्रयोदशाक्षर युगल मंत्र
ॐ क्लीं कृष्णाय राधिकायै श्रेयं नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल मंत्र (प्रणव युक्त)
स्वरूपराधा-कृष्ण युगल
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ॐ (प्रणव) और क्लीं (काम) बीज युक्त कृष्ण और राधिका को मेरा श्रेयस्कर प्रणाम है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मन की पूर्ण शुद्धि, युगल के दर्शन की लालसा की पूर्ति और लौकिक-अलौकिक सिद्धियाँ
विस्तृत लाभ
मन की पूर्ण शुद्धि, युगल के दर्शन की लालसा की पूर्ति और लौकिक-अलौकिक सिद्धियाँ 24।
जप काल
नित्य नियम से रुद्राक्ष या तुलसी माला पर।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
नारायणाद् ब्रह्मा जायते। नारायणाद् रुद्रो जायते।
ॐ परब्रह्मणे नमः
ॐ विभीषणप्रियकराय नमः
ॐ पीतवाससे नमः
व्यक्ताव्यक्तगिरः सर्वे वेदाद्या व्याहरन्ति याम्। सर्वकामदुघा धेनुः सा मां पातु सरस्वती॥ सौः देवीं वाचमजनयन्त देवास्ता विश्वरूपाः पशवो वदन्ति। सा नो मन्द्रेषमूर्जं दुहाना धेनुर्वागस्मानुपसुष्टुतैतु॥
ॐ दशग्रीवशिरोहराय नमः