ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

श्री राधा मंत्र

राधा रानी

215 मंत्र

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः। एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः॥

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ श्रीमती नेत्रयुगलं पातु।

सर्वमंगला नित्या मंत्र

स्वौं (Svaum)

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

नितम्बबिम्बरुलम्बमानपुष्पमेखले प्रशस्तरलकिङ्किणीकलापमध्यमञ्जुले। करीन्द्रशुण्डदण्डिकாவरोहसौभगोरुके कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ चन्द्रावली पातु गण्डं।

विमला शक्ति मंत्र

य्लूं (Ylūm)

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

तेन स तत्क्षणादेव तुष्टा दत्ते महावरम्। येन पश्यति नेत्राभ्यां तत्प्रियं श्यामसुन्दरम्॥

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ गुल्फौ गोपालवल्लभा पातु।

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ ओष्ठं पातु कृपादेवी।

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

अनङ्गरङ्गमङ्गलप्रसङ्गभङ्गुरभ्रुवां सविभ्रमससम्भ्रमदृगन्तबाणपातनैः। निरन्तरं वशीकृतप्रतीतनन्दनन्दने कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

सुवर्णमालिकाञ्चितत्रिरेखकम्बुकण्ठगे त्रिसूत्रमङ्गलीगुणत्रिरत्नदीप्तिदीधिते। सलोलनीलकुन्तलप्रसूनगुच्छगुम्फिते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ कण्ठं पातु हरिप्रिया।

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ उत्तरां हरिता पातु।

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि त्रिवेदभारतीश्वरि प्रमाणशासनेश्वरि। रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोदकाननेश्वरि व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोऽस्तु ते॥

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ धनागारं धनेश्वरी पातु।

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

उरुदघ्ने नाभिदघ्ने हृद्दघ्ने कण्ठदघ्नके। राधाकुण्डजले स्थिता यः पठेत्साधकः शतम्॥

जयिनी शक्ति मंत्र

झ्म्र्यूं (Jhmryūm)

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ श्रीराधा मे शिरः पातु।

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ वाचं वाणी सदा पातु।

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ कर्णौ गोपेन्द्रनन्दिनी पातु।

चित्र नित्या मंत्र

चकौं (Cakaum)

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ वृषभानुसुता दन्तान् पातु।

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ जानुदेशं जया पातु।

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ हृदयं विजया तथा।

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

मदोन्मदातियौवने प्रमोदमानमण्डिते प्रियानुरागरञ्जिते कलाविलासपण्डिते। अनन्यधन्यकुञ्जराज्यकामकेलिकोविदे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

अशेषहावभावधीरहीरहारभूषिते प्रभूतशातकुम्भकुम्भकुम्भकुम्भसुस्तनि। प्रशस्तमन्दहास्यचूर्णपूर्णसौख्यसागरे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ उदरं सुबलस्वसा पातु।

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ पूर्वां दिशं कृष्णरता पातु।

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

अनेकमन्त्रनादमञ्जुनूपुरारवस्खलत्समाजराजहंसवंशणिक्वाणातिगौरवे। विलोलहेमवल्लरीविडम्बिवारुचङ्क्रमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ दक्षिणां वृषभानुजा पातु।

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

अनन्तकोटिविष्णुलोकनम्रपद्मजार्चिते हिमाद्रिजापुलोमजाविरिञ्चिजावरप्रदे। अपारसिद्धिरिद्धिदिग्दिगन्तकीर्तिदिगधमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥

मोहिनी शक्ति मंत्र

न्व्लीं (Nvlīm)

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

इतीदमद्भुतस्तवं निशम्य भानुनन्दिनी करोतु सन्ततं जनं कृपाकटाक्षभाजनम्। भवेत्तदैव सञ्चितत्रिरूपकर्मनाशनं लभेत्तदा व्रजेन्द्रसूनुमण्डलप्रवेशनम्॥

नाम-मंत्र;

ॐ भवव्याधिविनाशिन्यै नमः

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

यं यं कामयते कामं तं तं प्राप्नोति साधकः। राधाकृपाकटाक्षेण भक्तिः स्यात् प्रेमलक्षणा॥

अरुणा शक्ति मंत्र

ज्मह्रीं (Jmhrīm)

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

तस्य सर्वार्थसिद्धिः स्याद्वाक्सामर्थ्यं तथा लभेत्। ऐश्वर्यं च लभेत्साक्षाद्दृशा पश्यति राधिकाम्॥

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ नखान् चन्द्रमुखी पातु।

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

नित्यलीलाप्रवेशं च ददाति श्रीव्रजाधिपः। अतः परतरं प्रार्थ्यं वैष्णवानां न विद्यते॥

कौलिनी शक्ति मंत्र

क्ष्म्रीं (Kṣmrīm)

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ ललाटं राधिका तथा।

नाम-मंत्र;

ॐ राधायै नमः

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ हरिप्रिया नासिकां पातु।

विजया नित्या मंत्र

भ्म्यरौं (Bhmyaraum)

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ भ्रूयुगं शशिशोभना पातु।

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ हरिणी पातु सर्वतः।

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ अधरं गोपिका पातु।

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ जिह्वां कृष्णप्रिया तथा।

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ पादौ सौभद्रिका पातु।

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ चिबुकं गोपनन्दिनी पातु।

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

अशोकवृक्षवल्लरीवितानमण्डपस्थिते प्रवालबालपल्लवप्रभारुणाङ्घ्रिकोमले। वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ बाहू द्वौ चन्द्रवदना पातु।

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ शुभप्रदा पातु पृष्ठं।

नाम-मंत्र;

ॐ रम्यायै नमः

नाम-मंत्र;

ॐ रासेश्वर्यै नमः

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ पादतलं गोपी पातु।

रक्षा कवच मंत्र;

ॐ कक्षौ श्रीकान्तवल्लभा पातु।

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

तडित्सुवर्णचम्पकप्रदीप्तगौरविग्रहे मुखप्रभापरास्तकोटिशारदेन्दुमण्डले। विचित्रचित्रसञ्चरच्चकोरशावलोचने कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥

कृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।

मृणालवालवल्लरी तरङ्गरङ्गदोर्लते लताग्रलास्यलोलनीललोचनावलोकने। ललल्लुलन्मलन्मनोज्ञमुग्धमोहनाश्रिते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥