शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः। एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।
स्वरूपसाधक रक्षक स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो विशुद्ध बुद्धि वाला साधक पूर्णिमा, शुक्लाष्टमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी को इसका पाठ करता है...
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
लाभ: साधना के नियमों की सिद्धि
विस्तृत लाभ
लाभ: साधना के नियमों की सिद्धि।
टिप्पणी
यहाँ इस सिद्ध स्तोत्र के सभी 19 श्लोकों को मंत्र रूप में, उनके अर्थ और लाभ सहित प्रस्तुत किया गया है। सभी का
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