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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

श्री राधा मंत्र

यं यं कामयते कामं तं तं प्राप्नोति साधकः। राधाकृपाकटाक्षेण भक्तिः स्यात् प्रेमलक्षणा॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।
स्वरूपप्रेम-भक्ति प्रदायिनी
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

वह साधक जिस-जिस वस्तु की कामना करता है, उसे प्राप्त कर लेता है; और राधा के कृपा-कटाक्ष से उसे प्रेमा-भक्ति प्राप्त होती है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

लाभ: कामना पूर्ति और प्रेमा-भक्ति

विस्तृत लाभ

लाभ: कामना पूर्ति और प्रेमा-भक्ति।

टिप्पणी

यहाँ इस सिद्ध स्तोत्र के सभी 19 श्लोकों को मंत्र रूप में, उनके अर्थ और लाभ सहित प्रस्तुत किया गया है। सभी का

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