शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि त्रिवेदभारतीश्वरि प्रमाणशासनेश्वरि। रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोदकाननेश्वरि व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोऽस्तु ते॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।
स्वरूपसर्वेश्वरी (संपूर्ण अधिष्ठात्री)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे यज्ञों, क्रियाओं, देवताओं, वेदों, प्रमाणों, क्षमा, और प्रमोद-वन की ईश्वरी! हे व्रज की अधिष्ठात्री श्री राधिके! आपको नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
लाभ: सभी कार्यों और अनुष्ठानों में सफलता
विस्तृत लाभ
लाभ: सभी कार्यों और अनुष्ठानों में सफलता।
टिप्पणी
यहाँ इस सिद्ध स्तोत्र के सभी 19 श्लोकों को मंत्र रूप में, उनके अर्थ और लाभ सहित प्रस्तुत किया गया है। सभी का
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