शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ कान्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपकमनीय रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो देखने में अत्यंत कमनीय और मोहक हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आकर्षण
विस्तृत लाभ
आकर्षण
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दारिद्र्य विद्वेषणाय नमः।
पंचास्यमच्युतमनेकविचित्रवीर्यं श्रीशंखचक्ररमणीयभुजाग्रदेशम्। पीताम्बरं मकरकुण्डलनूपुराङ्गं ध्यायेतितं कपिवरं हृदि भावयामि॥
ॐ प्रीतिपुष्करिण्यै नमः
देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम्। दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ सर्गस्थित्यन्तकारिण्यै नमः
ॐ पीतवाससे नमः