ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

पाप-शमन स्तुति

दुष्टं क्षत्रं भुवो भारमब्रह्मण्यमनीनशत्। तस्य नामानि पुण्यानि वच्मि ते पुरुषर्षभ॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारस्तुति श्लोक
स्वरूपभूमि-भार-हारक
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जिन्होंने पृथ्वी के भार-स्वरूप और ब्राह्मण-विरोधी दुष्ट क्षत्रियों का नाश किया, हे पुरुषश्रेष्ठ! मैं उन भगवान परशुराम के परम पुण्यदायी नामों का वर्णन करता हूँ।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

पुण्यों का उदय और पाप-कर्मों का क्षय

विस्तृत लाभ

पुण्यों का उदय और पाप-कर्मों का क्षय।

जप काल

भगवान के अवतार-कथा श्रवण के समय।

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