शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भार्गव कवच (चतुर्वर्ग प्रदाता)
रहस्यमपि हि ब्रूयुर्लोकैकहितदृष्टयः। शिव उवाच- धर्मार्थकाममोक्षाणामनायासं सुसिद्धिदम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकवच-मंत्र
स्वरूपमोक्षदाता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
(ज्ञानी जन) लोक-कल्याण की दृष्टि से अत्यंत रहस्यमय बातें भी बता देते हैं। भगवान शिव ने कहा: हे देवि! यह कवच बिना श्रम के धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की उत्तम सिद्धि देने वाला है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बिना विशेष शारीरिक या मानसिक परिश्रम के धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की एक साथ सिद्धि
विस्तृत लाभ
बिना विशेष शारीरिक या मानसिक परिश्रम के धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की एक साथ सिद्धि।
जप काल
संकल्प-शक्ति हेतु जप।
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