शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ श्रीमते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपऐश्वर्यवान
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपार श्री (ऐश्वर्य, तेज और संपत्ति) से संपन्न हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धन और ऐश्वर्य
विस्तृत लाभ
धन और ऐश्वर्य
जप काल
प्रातःकाल
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्॥
ॐ सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: सर्ववर्णात्मिका | लाभ: दोनों पैरों की रक्षा | अर्थ: समस्त अक्षर-स्वरूपा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें) 8
त्रैलोक्यनाथाय नमः ॐ रामाय हुं फट् स्वाहा
सहस्राणि सहस्रशो ये रुद्रा अधि भूम्याम्। तेषां सहस्रयोजनेऽवधन्वानि तन्मसि॥
ॐ पुष्ट्यै नमः
ॐ कपालार्घ्यवरोद्यतायै नमः