ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

ॐ मेधा देवी जुषमाणा

ॐ मेधा देवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्यमाना। त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान बृहद्वदेम विदथे सुवीराः॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारविद्या-साधना मन्त्र
स्वरूपमेधा देवी (ज्ञान व धारणा की देवी)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

सब में व्याप्त, कल्याणकारी और प्रसन्न मन वाली मेधा देवी हमारे पास आयें। आपके द्वारा अनुगृहीत होकर हम बुरे वचनों का त्याग करें और विद्वानों की सभा में उत्तम और प्रभावशाली वाणी बोलें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

नकारात्मक वाणी (दुरुक्त) से मुक्ति, विद्वत सभा में उत्तम भाषण की क्षमता

विस्तृत लाभ

नकारात्मक वाणी (दुरुक्त) से मुक्ति, विद्वत सभा में उत्तम भाषण की क्षमता।

जप काल

मेधा-जनन संस्कार, दैनिक विद्या-उपासना।

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