ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

ब्रह्मस्वरूपा परमा (याज्ञवल्क्य कृत)

ब्रह्मस्वरूपा परमा ज्योतिरूपा सनातनी। सर्वविद्याधिदेवी या तस्यै वाण्यै नमो नमः॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवंदना मन्त्र
स्वरूपसनातनी ज्योतिरूपा
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो ब्रह्म-स्वरूपा, परम ज्योति स्वरूपा, सनातनी और सभी विद्याओं की अधिष्ठात्री हैं, उन वाग्देवी को बारंबार नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सभी प्रकार की विद्याओं पर आधिपत्य

विस्तृत लाभ

सभी प्रकार की विद्याओं पर आधिपत्य।

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