शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
आग्नेय रक्षा
ॐ ह्रीं जिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहाऽग्निदिशि रक्षतु। (अर्थ: जिह्वाग्र में बसने वाली देवी आग्नेय कोण में रक्षा करें) 8
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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