शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ दशबाहवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदश-भुजाधारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
दस भुजाओं वाले विराट तांत्रिक स्वरूप को धारण करने वाले भगवान को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ क्वणत्काञ्चीविभूषणायै नमः
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे॥
स ब्रह्मा स शिवः स इन्द्रः सोऽक्षरः परमः स्वराट्। स एव विष्णुः स प्राणः स कालोऽग्निः स चन्द्रमाः॥
ॐ जयायै नमः।
ॐ वामदेवादिसम्पूज्याय नमः
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥ 17