ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

भार्गव कवच (ब्रह्मज्ञान प्राप्ति)

कवचस्यास्य जापी तु ब्रह्मज्ञानं च विन्दति। इत्येतदुक्तं कवचं मया हैहयविद्विषः॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकवच-मंत्र
स्वरूपहैहय-विद्वेषी (हैहय-वंश नाशक)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

इस कवच का निरंतर जाप करने वाला साधक ब्रह्मज्ञान को प्राप्त कर लेता है। हे देवि! यह हैहय-वंश के शत्रु (परशुराम) का कवच मैंने तुमसे कह दिया।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

परम ब्रह्मज्ञान और आत्म-साक्षात्कार की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

परम ब्रह्मज्ञान और आत्म-साक्षात्कार की प्राप्ति।

जप काल

एकांत में ध्यान के साथ पाठ।

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