शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कालिका मूल मंत्र
ॐ क्रीं कालिकायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारतांत्रिक मूल मंत्र
स्वरूपकालिका
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवी कालिका को मेरा भक्तिपूर्ण नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सांसारिक कष्टों का शमन
विस्तृत लाभ
सांसारिक कष्टों का शमन।
जप काल
अमावस्या या मंगलवार/शुक्रवार की रात्रि में जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
वेताल शक्ति शर कार्मुक चक्र खट्वाङ्ग मुद्गर गदाम् अङ्कुश नागपाशान् । शूलं च कुन्तं परशुं ध्वजमुद्वहन्तं वीरं गणेशमरुणं सततं स्मरामि ॥
ॐ सत्याय नमः
ॐ सर्वतीर्थात्मकाय नमः
ॐ त्रिलोकात्मने नमः
ॐ सहस्रार ज्वालावर्तिने क्ष्रौम् हन हन हुं फट् स्वाहा
ॐ महाबलाय वीराय चिरंजीविने उद्दते। हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये॥