ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

लक्ष्मी गायत्री मंत्र

ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हम महालक्ष्मी को जानते हैं, विष्णु-पत्नी का ध्यान करते हैं। वे हमारी बुद्धि को प्रेरित करें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

उच्च बौद्धिक क्षमता, सही वित्तीय निर्णय लेने की शक्ति

विस्तृत लाभ

उच्च बौद्धिक क्षमता, सही वित्तीय निर्णय लेने की शक्ति।

जप काल

प्रातः काल सूर्य दर्शन करते हुए 25।

इसे भी पढ़ें

अन्य देवताओं के मंत्र

प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

लक्ष्मी गायत्री मंत्र | Pauranik