शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ ईशानाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसर्व-नियंता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो इस संपूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी और नियंत्रक (ईशान) हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अधिकार प्राप्ति
विस्तृत लाभ
अधिकार प्राप्ति
जप काल
नित्य
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ उमासुताय नमः
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय ऊर्ध्व मुखे। हयग्रीवाय सकल जन वशीकरणाय स्वाहा॥
ॐ वासुदेवाय नमः
ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये अमृतं तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
मयि मेधां मयि प्रजां मय्यग्निस्तेजो दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयीन्द्र इन्द्रियं दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयि सूर्यो भ्राजो दधातु॥