शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ॐ परशुधारिणे नमः — अर्थ
जो दुष्टों के दमन हेतु भयंकर परशु (फरसा) धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: शत्रुओं से रक्षा) 19।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
पवन तनय बल पवन समाना। बुधि बिबेक बिग्यान निधाना॥
ॐ पुरारातये नमः
व्यक्ताव्यक्तगिरः सर्वे वेदाद्या व्याहरन्ति याम्। सर्वकामदुघा धेनुः सा मां पातु सरस्वती॥ सौः देवीं वाचमजनयन्त देवास्ता विश्वरूपाः पशवो वदन्ति। सा नो मन्द्रेषमूर्जं दुहाना धेनुर्वागस्मानुपसुष्टुतैतु॥
तव करकमलवरे नखमद्भुतशृंगं दलितहिरण्यकशिपुतनुभृंगम्। केशव धृतनरहरिरूप जय जगदीश हरे॥
ॐ नारसिंहाय नमः
ॐ महाद्युतये नमः