ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

परशुराम मंत्र

ॐ कान्ताय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपकमनीय रूप
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो देखने में अत्यंत कमनीय और मोहक हैं।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

आकर्षण

विस्तृत लाभ

आकर्षण

जप काल

नित्य

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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

ॐ शिखिवाहनाय नमः

ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्‍डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी‍ का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भू‍त, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।

कल्हारांबुज बीजपूरक गदा दन्तेक्षु बाणैः सदा बिभ्राणो मणिकुम्भ शालिकलशौ पाशं च चक्रान्वितम् । गौराङ्ग्या रुचिराविन्दकरया देव्या सदा संयुतः शोणाङ्कुश शुभमातनोतु भजतामुद्दण्डविघ्नेश्वरः ॥

ॐ लोकसुन्दर्यै नमः

ॐ उपेन्द्राय नमः

ॐ विश्वरूपायै नमः