शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ तपस्विने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपकठोर तपस्वी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो महेंद्रगिरि पर घोर तपस्या में लीन रहते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
एकाग्रता
विस्तृत लाभ
एकाग्रता
जप काल
तप/साधना
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
नैऋत्ये क्रोध भैरवाय नमः नैऋत्ये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ऋतं च मेऽमृतं च मेऽयक्ष्मं च मेऽनामयच्च मे...
ॐ कबन्धवनवासिन्यै नमः
ॐ चक्रराजाय स्वाहा – हृदयाय नमः
त्वं गुणत्रयातीतः ॥ त्वं देहत्रयातीतः ॥ त्वं कालत्रयातीतः ॥ त्वं मूलाधारस्थितोऽसि नित्यम् ॥ त्वं शक्तित्रयात्मकः ॥ त्वां योगिनो ध्यायन्ति नित्यम् ॥
ॐ दुर्गमविद्यायै नमः