शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ तपस्विने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपकठोर तपस्वी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो महेंद्रगिरि पर घोर तपस्या में लीन रहते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
एकाग्रता
विस्तृत लाभ
एकाग्रता
जप काल
तप/साधना
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ द्विषण्णेत्राय नमः
अनन्तकोटिविष्णुलोकनम्रपद्मजार्चिते हिमाद्रिजापुलोमजाविरिञ्चिजावरप्रदे। अपारसिद्धिरिद्धिदिग्दिगन्तकीर्तिदिगधमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ कमलालयामध्यस्थायै नमः
अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्। अङ्गीकृताखिलविभूतिरपाङ्गलीला माङ्गल्यदास्तु मम मङ्गलदेवतायाः॥
ॐ सर्वदोषनिषूदिन्यै नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम तंत्र बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।