ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

भार्गव कवच (जिज्ञासा)

न श्रुतं कवचं देव न चोक्तं भवता मम। इति पृष्टः स गिरिशो मन्त्रयन्त्राङ्गतत्त्ववित्॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकवच-मंत्र
स्वरूपरहस्यमय शक्ति
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

"हे देव! मैंने उनका कोई कवच नहीं सुना और न ही आपने मुझे बताया है।" ऐसा पूछे जाने पर मंत्र और यंत्र के तत्वों को पूर्णतः जानने वाले भगवान शिव ने कहा।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

तंत्र-मंत्र और यन्त्र के अंगों का गूढ़ ज्ञान

विस्तृत लाभ

तंत्र-मंत्र और यन्त्र के अंगों का गूढ़ ज्ञान।

जप काल

नित्य कवच पाठ में।

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