शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ यज्ञपालाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपयज्ञों के रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो ऋषि-मुनियों के यज्ञों की राक्षसों से रक्षा करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बाधा निवारण
विस्तृत लाभ
बाधा निवारण
जप काल
यज्ञ आरंभ में
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं।
मनोबुद्ध्यहंकार चित्तानि नाहं... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
ॐ चञ्चलद्वालसन्नद्धलम्बमानशिखोज्ज्वलाय नमः
ॐ नमो भगवते महोग्र दिग्बन्धन नरसिंहाय ज्वालामुखाय अग्निनेत्राय... हन हन दह दह पच पच बन्ध बन्ध कील कील स्वाहा
ॐ कपर्दिन्यै नमः
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥