शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ परमेश्वराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपपरमेश्वर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो परम सत्ता और ईश्वरों के भी ईश्वर हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ईश्वरीय कृपा
विस्तृत लाभ
ईश्वरीय कृपा
जप काल
नित्य
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्लीं श्रीं राधिकायै नमः
ॐ अव्यक्ताय नमः
ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥
तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं। मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम्॥
श्रीमन् नारायण चरणौ शरणं प्रपद्ये। श्रीमते नारायणाय नमः॥
स्वदन्त पाशाङ्कुश रत्नपात्रं करैर्दधानो हरिनीलगात्रः । रक्तांशुको रत्नकिरीटमाली भूत्यै सदा मे द्विमुखो गणेशः ॥