पूर्व मुख (वानर) रक्षण मंत्र
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पूर्व कपि मुखे। सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
पूर्व दिशा की ओर वानर (कपि) मुख वाले पंचमुखी भगवान को नमस्कार है, आप मेरे सभी शत्रुओं का संहार करें।
इस मंत्र से क्या होगा?
सभी ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं का विनाश, चित्त की शुद्धि और अभीष्ट की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
सभी ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं का विनाश, चित्त की शुद्धि और अभीष्ट की प्राप्ति 10।
जप काल
पूर्व दिशा की ओर मुख करके पंचमुखी कवच पाठ के मध्य।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे । राधे श्याम राधे श्याम श्याम श्याम राधे राधे ॥
अनन्तकोटिविष्णुलोकनम्रपद्मजार्चिते हिमाद्रिजापुलोमजाविरिञ्चिजावरप्रदे। अपारसिद्धिरिद्धिदिग्दिगन्तकीर्तिदिगधमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ सरस्वत्यै नमः
ॐ क्षेत्राय नमः
ॐ सर्वराजगृहेस्थितायै नमः
ॐ सदाधाराय नमः