शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भार्गव कवच (गोपनीयता एवं यश वृद्धि)
गोपनीयमिदं देवि ममात्मासि मणिर्यथा। धन्यं यशस्यमायुष्यं श्रीकरं पुष्टिवर्धनम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकवच-मंत्र
स्वरूपशिव-हृदय प्रिय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे देवि! यह कवच उसी प्रकार अत्यंत गोपनीय है जैसे मेरी अपनी आत्मा या कोई दुर्लभ मणि। यह साधक को धन्य करने वाला, यश, आयु, संपदा और स्वास्थ्य (पुष्टि) को बढ़ाने वाला है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
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महान यश, लंबी आयु, स्थिर लक्ष्मी (श्री) और शारीरिक पुष्टि की वृद्धि
विस्तृत लाभ
महान यश, लंबी आयु, स्थिर लक्ष्मी (श्री) और शारीरिक पुष्टि की वृद्धि।
जप काल
पूर्ण श्रद्धा से गोपनीय रूप से मनन।
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