शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ ब्रह्मणे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपवेदमय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो साक्षात् वेद और ब्रह्म-विद्या के स्वरूप हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वेद ज्ञान
विस्तृत लाभ
वेद ज्ञान
जप काल
स्वाध्याय पूर्व
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कमलजायै नमः
अहं निर्विकल्पो निराकाररूपो... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
ॐ सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: सर्ववर्णात्मिका | लाभ: दोनों पैरों की रक्षा | अर्थ: समस्त अक्षर-स्वरूपा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें) 8
पवन तनय बल पवन समाना। बुधि बिबेक बिग्यान निधाना॥
ॐ आद्यायै नमः
वीरभद्राय अतिक्रूराय रुद्रकोप सम्भवाय सर्वदुष्ट निवर्हणाय हुं फट् स्वाहा।