शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
वीरभद्र भैरव मंत्र
वीरभद्राय अतिक्रूराय रुद्रकोप सम्भवाय सर्वदुष्ट निवर्हणाय हुं फट् स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसंहारक मंत्र
स्वरूपवीरभद्र भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
रुद्र के कोप से जन्मे वीरभद्र दुष्टों का नाश करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दुष्टों का संहार और शिव के कोप का प्रकटीकरण
विस्तृत लाभ
दुष्टों का संहार और शिव के कोप का प्रकटीकरण 7।
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