शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ अकिञ्चनवरप्रदायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो दीन-हीनों (अकिंचन) को वरदान देती हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दरिद्रता का निवारण
विस्तृत लाभ
दरिद्रता का निवारण।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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ॐ भर्त्रे नमः
ॐ सिन्धुसागरसङ्गमाय नमः
भर्जनं भवबीजानामर्जनं सुखसम्पदाम्। तर्जनं यमदूतानां राम रामेति गर्जनम्॥
श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥
ॐ ब्रह्मक्षत्राय विद्महे क्षत्रियान्ताय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात्
ॐ नमो भगवते महोग्र दिग्बन्धन नरसिंहाय ज्वालामुखाय अग्निनेत्राय... हन हन दह दह पच पच बन्ध बन्ध कील कील स्वाहा