शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
काल भैरव त्र्यक्षरी बीज मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं काल भैरवाय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकाल भैरव बीज मंत्र / मूल मंत्र
स्वरूपकाल भैरव (काशी के कोतवाल)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ॐ, ह्रां, ह्रीं, ह्रूं (परम चेतना और शिव के बीज)। मैं समय के अधिपति काल भैरव को नमन करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
नकारात्मक ऊर्जा, काले जादू और अज्ञात भय का पूर्ण नाश
02
दिव्य शक्ति का संचार
विस्तृत लाभ
नकारात्मक ऊर्जा, काले जादू और अज्ञात भय का पूर्ण नाश। दिव्य शक्ति का संचार 17।
जप काल
कालाष्टमी या रविवार के दिन, सरसों के तेल का दीपक जलाकर रुद्राक्ष की माला से 108 बार जप 17।
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