शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ महाशक्तये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महान ऊर्जा के उद्गम स्रोत
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कार्यक्षमता और सहनशीलता में वृद्धि
विस्तृत लाभ
कार्यक्षमता और सहनशीलता में वृद्धि 77
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शिवाप्रियाय नमः
ॐ हिरण्यप्राकारायै नमः
ॐ वरिष्ठायै नमः
ॐ कौलिकप्रियकारिण्यै नमः
वेताल शक्ति शर कार्मुक चक्र खट्वाङ्ग मुद्गर गदाम् अङ्कुश नागपाशान् । शूलं च कुन्तं परशुं ध्वजमुद्वहन्तं वीरं गणेशमरुणं सततं स्मरामि ॥
हुं नमो भगवते महाकाल भैरवाय कालाग्नितॆजसे अमुक शत्रुं मारय-मारय पोथय-पोथय हुं फट् स्वाहा।