शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ उद्भूतायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारशतनाम मंत्र |
स्वरूपआदिशक्ति भवानी |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
संपूर्ण चराचर जगत में उत्पन्न
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
विस्तृत लाभ
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वर्णाश्रमगुरवे नमः
ॐ जरामरणवर्जिताय नमः
गजेन्द्रवदनं साक्षाच्चलकर्ण सुचामरम् । हेमवर्णं चतुर्बाहुं पाशाङ्कुशधरं वरम् ॥ स्वदन्तं दक्षिणे हस्ते सव्ये त्वाम्रफलं तथा । पुष्करे मोदकं चैव धारयन्तमनुस्मरेत् ॥
ॐ महावीर्याय नमः
ॐ करपूज्यायै नमः
देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम्।