शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ जितमित्राय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारराजसिक संपदा मंत्र
स्वरूपस्वर्णाकर्षण भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो मित्र भाव से सभी को जीतने वाले हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
स्वर्ण-ऐश्वर्य की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
स्वर्ण-ऐश्वर्य की प्राप्ति
जप काल
शुक्रवार को यंत्र पर कुमकुम अर्पण
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
नमस्ते शारदे देवि काश्मीरपुरवासिनि। त्वामहं प्रार्थये नित्यं विद्यादानं च देहि मे॥
ॐ सर्वोपास्याय नमः
ॐ शिवायै नमः
ॐ यादवेन्द्राय नमः
वेदान्तार्थस्वरूपाय वेदान्तार्थविधायिने । वेदान्तार्थविदे नित्यं विदिताय नमो नमः ॥
नितम्बबिम्बरुलम्बमानपुष्पमेखले प्रशस्तरलकिङ्किणीकलापमध्यमञ्जुले। करीन्द्रशुण्डदण्डिकாவरोहसौभगोरुके कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥